रांची, 14 अगस्त 2026। भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में सरला बिरला पब्लिक स्कूल और सरला बिरला यूनिवर्सिटी, रांची के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में सरला बिरला पब्लिक स्कूल, सरला बिरला यूनिवर्सिटी, उत्क्रमित विद्यालय तथा महादेवी बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड क्लिनिकल टेक्नोलॉजी के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
हाथों में तिरंगा लेकर विद्यार्थी ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारे लगाते हुए आरा चौक की ओर आगे बढ़े। लहराते तिरंगे और देशभक्ति के नारों से पूरा माहौल राष्ट्रप्रेम से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा, भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, सरला बिरला यूनिवर्सिटी के महानिदेशक प्रो. (डॉ.) गोपाल पाठक, कुलपति प्रो. (डॉ.) सी. जगन्नाथन, कुलसचिव प्रो. एस. बी. दांडिन, सरला बिरला पब्लिक स्कूल की प्राचार्या मनीषा शर्मा और रांची पूर्वी जिला अध्यक्ष विनय महतो ‘धीरज’ समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
युवाओं को राष्ट्र निर्माण में भूमिका निभाने का संदेश
तिरंगा यात्रा को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने कहा कि तिरंगा भारत की एकता, अखंडता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को याद करते हुए युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ और तिरंगा यात्रा जैसे आयोजन युवाओं और समाज में राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने देश की एकता, अखंडता और संविधान के मूल्यों की रक्षा करते हुए विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने की अपील की।
वहीं, भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि तिरंगा केवल फहराने का प्रतीक नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के भीतर देश के प्रति कर्तव्य और जिम्मेदारी की भावना जगाने का माध्यम है। उन्होंने युवाओं को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया।
उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों को अपनाने और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया। यात्रा में शामिल विद्यार्थियों, शिक्षकों और नागरिकों को राष्ट्र की एकता और अखंडता को सर्वोपरि रखने का संकल्प भी दिलाया गया।
तिरंगा यात्रा ने स्वतंत्रता संग्राम के वीरों के बलिदान को याद करने के साथ-साथ नागरिकों को देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी जिम्मेदारी का संदेश दिया।
