रांची। झारखंड के निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने हजारीबाग लैंड स्कैम मामले में उन्हें जमानत दे दी है। इस फैसले के बाद उनके जेल से बाहर आने का रास्ता लगभग साफ हो गया है, क्योंकि जिन अन्य मामलों में उन्हें आरोपी बनाया गया था, उनमें उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है।
विनय चौबे ने सुप्रीम कोर्ट में जिस मामले में जमानत याचिका दाखिल की थी, वह हजारीबाग भूमि घोटाला से जुड़ा है। इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने कांड संख्या 11/2025 दर्ज किया है। जांच में विनय चौबे समेत कुल 73 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है।
इस मामले में विनय चौबे के करीबी विनय सिंह, उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह, हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद, तत्कालीन अंचल अधिकारी (सीओ) शैलेश कुमार, ब्रोकर विजय सिंह सहित कई अन्य लोगों के नाम भी आरोपियों की सूची में शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत दिए जाने के बाद अब विनय चौबे के जेल से रिहा होने की संभावना बढ़ गई है। इससे पहले उनके खिलाफ दर्ज अन्य मामलों में भी अदालतों से जमानत मिल चुकी है। ऐसे में अब केवल रिहाई की औपचारिक कानूनी प्रक्रिया पूरी होना बाकी है।
गौरतलब है कि हजारीबाग लैंड स्कैम झारखंड के चर्चित मामलों में शामिल है, जिसकी जांच एसीबी कर रही है। जांच एजेंसी ने सरकारी जमीन के कथित अवैध हस्तांतरण और उससे जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों के आधार पर यह मामला दर्ज किया था। सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद इस बहुचर्चित मामले की कानूनी और राजनीतिक चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है।
