उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में मंगलवार शाम एक घर में चल रही पूजा के दौरान हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। पत्नी और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या के बाद आरोपी अपने तीन बच्चों के साथ घर के एक कमरे में बंद हो गया। कई घंटे तक चले हाई-वोल्टेज ऑपरेशन के बाद लखनऊ से पहुंची एटीएस कमांडो टीम ने कार्रवाई की। इसमें आरोपी अरविंद सिंह मारा गया, जबकि उसके चार वर्षीय बेटे की भी मौत हो गई। आरोपी की छह वर्षीय बेटी के हाथ में गोली लगी है।
पूजा को लेकर शुरू हुआ विवाद
घटना अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव की है। जानकारी के मुताबिक, अरविंद सिंह को लेकर परिवार में भूत-प्रेत का साया होने की आशंका जताई जा रही थी। इसी वजह से उसके घर में पिछले चार दिनों से पूजा-पाठ और अनुष्ठान चल रहा था। बुधवार को इसकी पूर्णाहुति होनी थी।
मंगलवार शाम अरविंद की पत्नी बबिता पूजा पर बैठी थीं। उनके साथ कई पुजारी अनुष्ठान करा रहे थे। इसी दौरान करीब साढ़े छह बजे अरविंद घर पहुंचा और पूजा का विरोध करने लगा। पुजारियों से आधार कार्ड मांगने को लेकर उसकी कहासुनी हो गई। पत्नी ने उसे शांत कराने की कोशिश की, लेकिन विवाद बढ़ गया। इसके बाद उसने रिवॉल्वर निकाल ली।
पत्नी और दो पुजारियों को मारी गोली
विवाद बढ़ने के बाद अरविंद ने फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से उसकी पत्नी बबिता और दो पुजारी महेंद्र पाठक व अखिलेश मिश्र की मौके पर मौत हो गई। वहीं अनुष्ठान में शामिल दो अन्य पुजारी और परिवार के कुछ लोग वहां से निकलकर बच गए।
फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी घरों से बाहर निकल आए। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद आरोपी ने खुद को अपने तीन बच्चों के साथ कमरे में बंद कर लिया। उसके पास हथियार होने के कारण पुलिस ने बेहद सावधानी के साथ ऑपरेशन शुरू किया।
बच्चों को सुरक्षित निकालने के लिए बुलाए गए कमांडो
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। बाद में लखनऊ से एटीएस के कमांडो बुलाए गए। आधी रात के बाद कमांडो टीम ने आरोपी को कमरे से बाहर निकालने के लिए कार्रवाई शुरू की।
रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने कमांडो टीम पर भी फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में अरविंद को गोली लगी और उसकी मौत हो गई। इसी कार्रवाई के दौरान उसके चार वर्षीय बेटे की भी जान चली गई, जबकि छह वर्षीय बेटी के हाथ में गोली लगी।
एडीजी ने बताया, आरोपी के इलाज की बात सामने आई थी
बनारस से पहुंचे एडीजी के मुताबिक, आरोपी ने कमांडो टीम पर पांच राउंड फायर किए, जिसके जवाब में टीम की ओर से चार राउंड फायरिंग की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अरविंद के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर पहले से इलाज चलने की बात सामने आई है। परिवार को उसके ऊपर भूत-प्रेत का साया होने की आशंका थी और इसी वजह से घर में अनुष्ठान कराया जा रहा था।
फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। घटना के बाद शंभूपुर गांव में तनाव और शोक का माहौल है।
