Friday, October 2

गुमला: 13 वर्षीय छात्रा की मौत के बाद भी गुमला के पालकोट में हुई इस घटना की जांच आगे बढ़ रही है, लेकिन पांच दिन बाद तक पुलिस आरोपियों को चिन्हित नहीं कर सकी है। छात्रा के पिता की शिकायत पर 25 सितंबर को पालकोट थाने में FIR दर्ज की गई थी। परिजनों ने चार-पांच युवकों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया है। पुलिस फिलहाल मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, ताकि दुष्कर्म की पुष्टि से जुड़े तथ्य सामने आ सकें।

मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने दो सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रशासनिक कमेटी गठित की है। इसमें आईएएस नेहा अरोड़ा और आईपीएस सरोजनी लकड़ा शामिल हैं। कमेटी को तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने का निर्देश दिया गया है।

गांव से अस्पताल तक टीम ने जुटाई जानकारी

जांच के तहत टीम ने गुमला डीसी अनिमेष कुमार और समाज कल्याण पदाधिकारी आरती कुमारी के साथ गांव का दौरा किया। इसके अलावा सदर अस्पताल और कोलेबिरा अस्पताल में भी संबंधित लोगों से जानकारी ली गई।

गुमला एसपी हरीश बिन जमा के मुताबिक, पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। घटना में शामिल लोगों की पहचान के लिए सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

24 सितंबर की रात गंभीर हालत में मिली थी छात्रा

मामले के अनुसार, 24 सितंबर की रात छात्रा घर के बाहर गंभीर और बेहोश हालत में मिली थी। उसके शरीर पर चोट के कई निशान भी पाए गए थे। इसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए कोलेबिरा अस्पताल ले गए। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया।

इसके बाद परिजन छात्रा को सिमडेगा के एक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर किया गया। इलाज के दौरान 26 सितंबर को छात्रा की मौत हो गई।

अब पुलिस मेडिकल रिपोर्ट के साथ अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। वहीं, उच्चस्तरीय कमेटी की जांच रिपोर्ट के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की दिशा भी स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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