Friday, October 2

रांची: शहर में GAIL की ओर से सड़क और पाइपलाइन से जुड़े कार्यों के दौरान आम लोगों को होने वाली परेशानी को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर सदर एसडीओ कुमार रजत ने GAIL के अधिकारियों और संबंधित संवेदकों के साथ बैठक कर सड़क सुरक्षा, काम की गुणवत्ता और कार्य पूरा होने के बाद सड़क को पहले जैसी स्थिति में बहाल करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रशासन ने साफ कहा कि सड़क पर किसी भी तरह का काम करने के बाद उसे लंबे समय तक खुदी हुई या खराब स्थिति में नहीं छोड़ा जा सकता। काम पूरा होते ही सड़क को समतल कर पहले जैसी स्थिति में बहाल करना होगा, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो।

सड़क पर गड्ढे किए तो काम के बाद तुरंत भरना होगा

GAIL के अधिकारियों और संवेदकों को निर्देश दिया गया कि पाइपलाइन या अन्य कार्यों के दौरान सड़क पर बनाए गए गड्ढों को काम पूरा होते ही भरना होगा। इसके बाद सड़क को इस तरह तैयार करना होगा कि वहां से वाहनों और पैदल लोगों की आवाजाही सुचारू रूप से हो सके।

प्रशासन ने काम की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने को कहा है। संबंधित संवेदक को सड़क की स्थिति बहाल करने और कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।

बैरेकेडिंग के साथ सुरक्षा व्यवस्था जरूरी

निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए। कार्यस्थल पर उचित बैरेकेडिंग, सुरक्षा संकेत और वाहनों व पैदल यात्रियों के सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था अनिवार्य रूप से रखने को कहा गया।

प्रशासन ने कहा कि सड़क पर चल रहे कार्य के कारण दुर्घटना की स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए। इसलिए काम के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करना होगा।

NHAI और पथ निर्माण विभाग से समन्वय का निर्देश

बैठक में GAIL को NHAI और पथ निर्माण विभाग (RCD) के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर काम करने का निर्देश दिया गया। प्रशासन का कहना है कि अलग-अलग एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल से परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के साथ सड़क पर होने वाली परेशानियों को भी कम किया जा सकेगा।

सदर एसडीओ ने संबंधित अधिकारियों और संवेदकों को परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के साथ नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन इनके दौरान आम लोगों की सुविधा और सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए।

इसे भी पढ़े – 174 यात्रियों की जान बचाने वाले कैप्टन स्मित मच्छार को मिलेगा ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’

Share.
Next Story
नामकुम में स्वच्छता श्रमदान, प्लास्टिक के खिलाफ जागरूकता का संदेश
Exit mobile version