माता-पिता जब अपने छोटे बच्चों को स्कूल भेजते हैं, तो उन्हें सिर्फ पढ़ाई की उम्मीद नहीं होती, बल्कि यह भरोसा भी होता है कि कुछ घंटों तक उनका बच्चा सुरक्षित हाथों में है। लेकिन दिल्ली के मौजपुर से सामने आया एक मामला इसी भरोसे को झकझोरने वाला है।
मौजपुर के एक प्ले स्कूल में तीन साल के बच्चे के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। बच्चे के माता-पिता का आरोप है कि स्कूल में उनके बेटे के साथ मारपीट की गई और उसे कुर्सी से बांध दिया गया। मामले में दिल्ली पुलिस ने 35 वर्षीय महिला केयरटेकर को गिरफ्तार किया है। पुलिस स्कूल से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ कर रही है।
घर लौटने के बाद बच्चे के कान में हुआ दर्द
मामला तब सामने आया जब बच्चा स्कूल से घर लौटा और उसके कान में दर्द होने लगा। परिजनों ने उसके शरीर पर चोट के निशान भी देखे। परिवार के मुताबिक, पिछले कुछ समय से बच्चे के व्यवहार में भी बदलाव नजर आ रहा था। वह स्कूल जाने को लेकर परेशान रहता था।
बच्चे को डॉक्टर के पास ले जाने पर उसके कानों में सूजन की बात सामने आई। इसके बाद माता-पिता को शक हुआ कि स्कूल में उसके साथ कुछ गलत हुआ है।
CCTV ने बढ़ाई चिंता
परिजनों ने स्कूल प्रशासन से कक्षा में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग दिखाने की मांग की। परिवार का आरोप है कि शुरुआत में स्कूल की ओर से बच्चे के साथ मारपीट की बात से इनकार किया गया। बाद में उन्होंने CCTV फुटेज देखने की मांग की।
परिजनों के मुताबिक, 1,500 रुपये देने के बाद उन्हें CCTV रिकॉर्डिंग देखने का मौका मिला। उन्होंने 16, 17 और 18 अगस्त की फुटेज देखी। परिवार का दावा है कि फुटेज में बच्चे को एप्रन से कुर्सी के साथ बांधा हुआ और उसके साथ मारपीट की जाती दिखाई दी। पुलिस ने स्कूल की CCTV रिकॉर्डिंग अपने कब्जे में ले ली है और फुटेज की जांच की जा रही है।
POCSO के तहत केस, यौन दुर्व्यवहार के एंगल की भी जांच
दिल्ली पुलिस ने मामले में POCSO एक्ट समेत संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। 35 वर्षीय महिला केयरटेकर को गिरफ्तार कर लिया गया है। स्कूल से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
परिवार ने बच्चे के साथ यौन दुर्व्यवहार की आशंका भी जताई है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है। बच्चे की मेडिकल जांच कराई गई है और मेडिकल रिपोर्ट, CCTV फुटेज तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
सवाल सिर्फ एक बच्चे का नहीं, हर माता-पिता के भरोसे का है
यह मामला सिर्फ एक स्कूल या एक बच्चे तक सीमित नहीं है। सवाल उस भरोसे का है, जिसके आधार पर माता-पिता अपने छोटे-छोटे बच्चों को घंटों स्कूल और प्ले स्कूल में छोड़ते हैं।
तीन-चार साल के बच्चे खुद यह तय नहीं कर सकते कि उनके साथ कुछ गलत हो रहा है या नहीं। वे अपनी परेशानी भी हमेशा ठीक से बता नहीं पाते। ऐसे में माता-पिता की सबसे बड़ी उम्मीद स्कूल के स्टाफ और केयरटेकर से होती है कि वे उनके बच्चे की उसी तरह देखभाल करेंगे, जैसे परिवार करता है।
लेकिन अगर बच्चे के साथ मारपीट के आरोप उसी जगह से सामने आएं, जहां उसे सुरक्षित समझकर छोड़ा गया था, तो माता-पिता के लिए इससे बड़ा डर क्या हो सकता है?
सौरभ भारद्वाज ने सरकार पर उठाए सवाल
मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी दिल्ली सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने हाल के दिनों में बच्चों और छात्राओं से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर सवाल उठाए।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। CCTV फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बच्चे के साथ वास्तव में क्या हुआ और इस घटना में कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं।
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