रांची: छात्रों पर दर्ज मुकदमों को लेकर झारखंड की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। भाजपा ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 8 सितंबर से जिला मुख्यालयों पर आंदोलन करने का ऐलान किया है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री आदित्य साहू ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता अलग-अलग जिलों में DC और SP कार्यालयों का घेराव कर प्रदर्शन करेंगे।
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि झारखंड बनने के बाद से झामुमो और कांग्रेस की सरकारों ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं और अब जब छात्र इन मुद्दों पर आवाज उठा रहे हैं तो उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना
आदित्य साहू ने कहा कि रांची में छात्रों ने बिना किसी राजनीतिक दल के समर्थन के आंदोलन किया और कथित तौर पर नौकरी से जुड़े मामलों को उजागर करने की कोशिश की। इसके बावजूद आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ केस दर्ज किए जा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के कुछ कोचिंग संस्थानों के संचालकों को भी डराने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि जब अलग-अलग जगहों पर छात्र आंदोलन कर रहे थे, तब JMM नेताओं और कार्यकर्ताओं पर छात्रों के साथ मारपीट के आरोप लगे थे। ऐसे में अगर प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर मुकदमा दर्ज किया गया है तो छात्रों के साथ कथित मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
मुख्य सचिव से हुई मुलाकात का भी जिक्र
भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी पहले भी छात्रों पर दर्ज मुकदमों का विरोध कर चुकी है। करीब 48 घंटे पहले भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्य सचिव से मिला था और छात्रों के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने की मांग की थी। इसके बाद झामुमो और कांग्रेस के नेता भी मुख्य सचिव से मिलने पहुंचे और छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने इसे लेकर भी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि अगर ये नेता सत्ता में हैं तो उन्हें मुख्यमंत्री को ज्ञापन देना चाहिए था।
‘छात्रों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार न करे सरकार’
आदित्य साहू ने कहा कि छात्र राज्य और देश का भविष्य हैं। वे पढ़-लिखकर आगे बढ़ेंगे और झारखंड का नाम रोशन करेंगे। ऐसे में सरकार को उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार नहीं करना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस के जरिए छात्रों को डराने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही चेतावनी दी कि अगर छात्रों के परिवार और गांव के लोग भी इस मुद्दे को लेकर सड़क पर उतर गए तो सरकार के लिए स्थिति संभालना मुश्किल हो सकता है।
8 सितंबर से जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन
भाजपा ने सरकार से छात्रों पर दर्ज मुकदमों को तत्काल वापस लेने की मांग की है। पार्टी ने साफ किया है कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
इसी क्रम में 8 सितंबर से राज्य के अलग-अलग जिला मुख्यालयों में DC और SP कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। भाजपा का कहना है कि छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को तत्काल फैसला लेना चाहिए।
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