रांची के बड़गाईं जमीन मामले में गुरुवार को एक बार फिर अदालत में सुनवाई हुई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत में पेश हुए। हालांकि, मामले में आरोप गठन को लेकर सुनवाई पूरी नहीं हो सकी और अदालत ने अगली तारीख तय कर दी।
30 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
अब इस मामले में 30 सितंबर को सुबह 11:15 बजे आरोप गठन पर सुनवाई होगी। इससे पहले आरोप गठन के लिए 24 सितंबर की तारीख तय की गई थी।
मामला रांची के बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में जमीन के अवैध अधिग्रहण और उससे जुड़े लेन-देन में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए हैं।
हाईकोर्ट से नहीं मिली थी राहत
इस मामले में हेमंत सोरेन ने विशेष PMLA अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाने और अपने खिलाफ आपराधिक कार्रवाई से राहत की मांग को लेकर हाईकोर्ट का रुख किया था। 18 सितंबर को झारखंड हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी।
इसके बाद विशेष अदालत में मामले की आगे की प्रक्रिया जारी रही। इससे पहले विशेष अदालत ने 8 जून को हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज याचिका भी खारिज कर दी थी।
ED के आरोप क्या हैं?
ED का आरोप है कि बड़गाईं की जमीन से जुड़े मामले में सरकारी रिकॉर्ड और दस्तावेजों में कथित हेरफेर के जरिए जमीन का अधिग्रहण किया गया और इससे जुड़े लेन-देन में अपराध की आय को वैध बनाने की कोशिश हुई। हेमंत सोरेन इन आरोपों से जुड़े मामले में आरोपी हैं।
फिलहाल अदालत में आरोप गठन की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। अब 30 सितंबर की सुनवाई में इस मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।
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