दो अन्य आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में रिमांड पर लिया गया; कई सफल अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुँचाने का आरोप
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा (JSSC-CGL) में हुई कथित गड़बड़ी की जाँच में अपराध अनुसंधान विभाग (CID), झारखंड को गुरुवार को एक अहम कामयाबी मिली। परीक्षा से जुड़े सीआईडी थाना कांड संख्या 01/2025 में विभाग ने बिहार के सारण जिले के निवासी मनु कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है।
विभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मनु कुमार सिंह अप्राथमिकी अभियुक्त हैं, यानी उनका नाम मूल प्राथमिकी में दर्ज नहीं था। वे सारण जिले के अवतार नगर थाना क्षेत्र के देवरिया गाँव के रहने वाले हैं और उनके पिता का नाम अशोक कुमार सिंह है।
कई अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ का आरोप
CID के मुताबिक, आरोपी ने JSSC-CGL परीक्षा में कई अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुँचाया। विभाग ने यह भी बताया कि इन अभ्यर्थियों में से कई परीक्षा में सफल भी हुए हैं। यह लाभ किस तरीके से पहुँचाया गया, इसका ब्योरा प्रेस विज्ञप्ति में नहीं दिया गया है।
दो अन्य आरोपी पहले से न्यायिक अभिरक्षा में
इसी मामले में न्यायिक अभिरक्षा में बंद दो अन्य आरोपियों को भी रिमांड पर लिया गया है। इनमें पहले हैं कुन्दन कुमार, जो रामलाल राम के पुत्र हैं और पलामू जिले के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र में पोस्ट नमोदाग के अंतर्गत ग्राम डुमरी के निवासी हैं। दूसरे आरोपी समीर कुमार हैं, जो स्वर्गीय प्रदीप कुमार के पुत्र हैं और गिरिडीह जिले के बेंगाबाद के रहने वाले हैं।
आगे क्या
रिमांड पर लिए गए आरोपियों से पूछताछ के बाद मामले में और खुलासे होने की संभावना है। जाँच का दायरा यह भी तय करेगा कि अनुचित लाभ पाकर सफल हुए अभ्यर्थियों की भूमिका क्या रही। फिलहाल विभाग की ओर से इस बारे में कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।
