Thursday, September 24

दक्षिण ओडिशा और उससे सटे उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर बना गहरा अवदाब (डीप डिप्रेशन) गुरुवार शाम तक उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ता रहा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के राष्ट्रीय बुलेटिन संख्या 17 के अनुसार, यह प्रणाली आने वाले घंटों में क्रमिक रूप से कमजोर पड़ने की ओर है।

कहां है सिस्टम, किस रफ्तार से बढ़ा

IMD के मुताबिक, बीते छह घंटों में यह प्रणाली करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम की दिशा में खिसकी। शाम 5:30 बजे (1730 IST) इसका केंद्र दक्षिण ओडिशा और आसपास के उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर, लगभग 19.1° उत्तरी अक्षांश और 83.0° पूर्वी देशांतर पर स्थित था।

विभाग ने केंद्र की स्थिति कई शहरों के संदर्भ में बताई है:

  • कोरापुट (ओडिशा) से लगभग 40 किमी उत्तर-पूर्व
  • पार्वतीपुरम (आंध्र प्रदेश) से लगभग 60 किमी उत्तर-पश्चिम
  • भवानीपटना (ओडिशा) से लगभग 90 किमी दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम
  • जगदलपुर (छत्तीसगढ़) से लगभग 100 किमी पूर्व
  • रायपुर (छत्तीसगढ़) से लगभग 270 किमी दक्षिण-दक्षिण-पूर्व

आगे क्या: कमजोर पड़ने का अनुमान

IMD का आकलन है कि अगले छह घंटों के दौरान यह प्रणाली उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए धीरे-धीरे कमजोर होकर अवदाब (डिप्रेशन) में बदल सकती है। इसके बाद अगले 24 घंटों में भी इसके उसी दिशा में बढ़ने और क्रमिक रूप से और कमजोर होने की प्रबल संभावना जताई गई है। यानी कुल मिलाकर करीब 30 घंटों में सिस्टम की तीव्रता घटने का अनुमान है।

रडार से निरंतर निगरानी

विभाग के अनुसार, प्रणाली पर विशाखापत्तनम स्थित डॉप्लर वेदर रडार से लगातार नजर रखी जा रही है। यह रडार बादलों की गति, बारिश की तीव्रता और सिस्टम के ढांचे की रियल-टाइम जानकारी देता है, जिससे पूर्वानुमान को समय-समय पर अद्यतन किया जा सकता है।

क्यों अहम है यह अपडेट

गहरे अवदाब आमतौर पर अपने मार्ग में भारी बारिश और तेज हवाओं का कारण बनते हैं, जिसका असर सिस्टम के केंद्र के आसपास के जिलों के साथ-साथ उसके आगे बढ़ने वाले मार्ग पर भी पड़ सकता है। इस बार प्रणाली का रुख छत्तीसगढ़ की ओर बताया गया है, इसलिए दक्षिण ओडिशा, उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी छत्तीसगढ़ के निवासियों को आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।

नोट: बारिश, हवा की गति और जिलावार चेतावनियों की ताज़ा जानकारी के लिए IMD के आधिकारिक बुलेटिन और संबंधित राज्यों के आपदा प्रबंधन विभाग की सूचनाओं का अनुसरण करें। उपरोक्त तथ्य IMD के राष्ट्रीय बुलेटिन संख्या 17 (24.09.2026, 1730 IST) पर आधारित हैं।

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