Friday, October 16

रांची: राजधानी में लगातार हो रही बारिश और जगह-जगह जलजमाव ने अब एक और स्वास्थ्य चिंता बढ़ा दी है। दूषित पानी के संपर्क में आने से होने वाले लेप्टोस्पायरोसिस संक्रमण के मामले रांची में सामने आए हैं। एक निजी अस्पताल में जुलाई और अगस्त के दौरान 130 से अधिक मरीजों में संक्रमण की पहचान हुई। राहत की बात यह है कि इलाज के बाद सभी मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।

चिकित्सकों के अनुसार, लेप्टोस्पायरोसिस लेप्टोस्पाइरा बैक्टीरिया से होने वाला संक्रमण है। संक्रमित चूहों और कुछ अन्य जानवरों के मल-मूत्र के जरिए यह बैक्टीरिया पानी और मिट्टी तक पहुंच सकता है। बारिश के मौसम में जब जलजमाव होता है, तो दूषित पानी के संपर्क में आने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

जलजमाव में नंगे पैर चलना पड़ सकता है भारी

बारिश के दौरान सड़कों और गलियों में जमा पानी देखने में भले ही सामान्य लगे, लेकिन वह संक्रमित हो सकता है। खासकर जलजमाव वाले स्थानों पर नंगे पैर चलने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

अगर पैरों या शरीर के किसी हिस्से में कट, खरोंच या घाव है, तो दूषित पानी के जरिए बैक्टीरिया के शरीर में प्रवेश करने की आशंका और बढ़ जाती है।

बारिश में इन बातों का रखें ध्यान

चिकित्सकों ने लोगों को जलजमाव वाले संदिग्ध या दूषित पानी के संपर्क में आने से बचने की सलाह दी है। जरूरी होने पर बाहर निकलते समय पैरों को अच्छी तरह ढककर रखने और घर लौटने के बाद साफ-सफाई का ध्यान रखने को कहा गया है।

लगातार बारिश के बीच जलजमाव बढ़ने के साथ लेप्टोस्पायरोसिस का खतरा भी बढ़ सकता है। ऐसे में थोड़ी सी सावधानी संक्रमण से बचाव में अहम भूमिका निभा सकती है।

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