Thursday, September 10

बोकारो: मैदान में बेटियां थीं, सामने चुनौती थी और जीतने का जोश भी। कभी फुटबॉल के मैदान में गोल के लिए जोर लगाया, तो कभी वॉलीबॉल और खो-खो में टीम के साथ कदम मिलाकर मुकाबला किया। बोकारो में आयोजित बालिकाओं की खेल प्रतियोगिता सिर्फ प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रही, बल्कि लड़कियों के आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को सामने लाने का भी मंच बनी।

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत जिला प्रशासन और समाज कल्याण शाखा, बोकारो ने सी-3 संस्था के तकनीकी सहयोग से बालिकाओं के लिए इस खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया।

प्रतियोगिता राजकीयकृत उच्च विद्यालय, लकड़ाखंदा, चास-2 और पीएम श्री पंचानन राजबाला +2 उच्च विद्यालय, सतनपुर में हुई। यहां बालिकाओं ने फुटबॉल, वॉलीबॉल और खो-खो में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया।

खेल के मैदान से मिला एक बड़ा संदेश

इस आयोजन का मकसद सिर्फ यह देखना नहीं था कि कौन सी टीम जीतती है। इसके जरिए बालिकाओं को यह भरोसा दिलाने की कोशिश की गई कि खेल का मैदान किसी एक वर्ग या लिंग तक सीमित नहीं है।

फुटबॉल हो, वॉलीबॉल हो या खो-खो , बालिकाओं ने अलग-अलग खेलों में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के दौरान उनके भीतर आत्मविश्वास, अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने पर जोर रहा।

आयोजकों के मुताबिक, शिक्षा के साथ खेल भी बालिकाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। ऐसे आयोजनों के जरिए उनमें खेल के प्रति रुचि बढ़ाने और सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है।

‘खेल सिर्फ मनोरंजन नहीं, व्यक्तित्व निर्माण का माध्यम’

प्रतियोगिता के दौरान बालिकाओं को संबोधित करते हुए जिला समाज कल्याण पदाधिकारी (डीएसडब्ल्यूओ) डॉ. सुमन गुप्ता ने कहा कि खेल सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं है। यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास का भी मजबूत माध्यम है।

उन्होंने कहा कि अगर बालिकाओं को समान अवसर और सही प्रोत्साहन मिले, तो वे जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं। उनके मुताबिक, शिक्षा और खेल का साथ बालिकाओं को मजबूत, स्वस्थ और अनुशासित व्यक्तित्व देने में अहम भूमिका निभाता है।

मैदान में दिखा उत्साह, विजेता टीमों को मिली ट्रॉफी

प्रतियोगिता में बालिकाओं ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ हिस्सा लिया। मुकाबलों के दौरान उनकी खेल प्रतिभा के साथ टीम के प्रति जिम्मेदारी और नेतृत्व क्षमता भी देखने को मिली।

प्रतियोगिता के समापन पर विजेता और उप-विजेता टीमों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के प्रधानाध्यापक विनय कुमार पांडे, सेवा दास हेम्ब्रम, शारीरिक शिक्षक आशुतोष कुमार और अरुण मिश्रा सहित विद्यालय के अन्य शिक्षकों का योगदान रहा।

दरअसल, ऐसे आयोजनों का संदेश सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रहता। जब बेटियां खेल के मैदान में उतरती हैं, मुकाबला करती हैं और जीत का जश्न मनाती हैं, तो यह उनके भीतर उस आत्मविश्वास को मजबूत करता है जो आगे चलकर पढ़ाई, करियर और जीवन के दूसरे क्षेत्रों में भी काम आता है।

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Sanjana Kumari is a media professional, content writer, and voiceover artist with experience since 2023. She has expertise in digital media, social media, news writing, editing, and content management. Currently, she works as an Input In-Charge at Jharkhand Digital, handling news inputs and digital content. She is proficient in writing and articulating articles and voiceovers in both Hindi and English.

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