Monday, October 26

खूंटी: खूंटी शहर के भगत सिंह चौक स्थित एक पेट्रोल पंप पर बुधवार रात बाइक सवार दो नकाबपोश अपराधियों ने फायरिंग कर दी। अपराधियों ने पेट्रोल पंप पर एक राउंड गोली चलाई और PLFI के नाम से लेवी का पर्चा फेंककर फरार हो गए। पर्चे में दो दिनों के भीतर 10 लाख रुपये देने की धमकी दी गई है। पूरी वारदात पेट्रोल पंप पर लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है।

घटना रात करीब 9:30 बजे की बताई जा रही है। पेट्रोल पंप व्यवसायी और संवेदक अमित साहू का बताया जा रहा है। घटना के वक्त अमित साहू पेट्रोल पंप पर मौजूद नहीं थे। अचानक हुई फायरिंग से वहां मौजूद कर्मचारियों और ग्राहकों के बीच अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, गोली किसी व्यक्ति को नहीं लगी।

PLFI के नाम से फेंका पर्चा

फायरिंग के बाद दोनों अपराधियों ने मौके पर एक पर्चा छोड़ा। इसमें PLFI के जोनल कमांडर राजेश यादव का नाम लिखा हुआ है। पर्चे में दो दिनों के भीतर संगठन को सहयोग राशि के तौर पर 10 लाख रुपये देने की बात कही गई है। रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गई है।

पर्चा फेंकने के बाद दोनों अपराधी बाइक से तोरपा रोड की ओर फरार हो गए।

पहले भी मिल चुकी है धमकी

अमित साहू ने पुलिस को बताया कि उन्हें इससे पहले भी मार्च-अप्रैल के दौरान PLFI के नाम पर दो-तीन बार धमकी मिल चुकी है। उन्होंने पुलिस को यह भी बताया कि कुछ वर्ष पहले परवल स्थित उनके आवास पर हमला किया गया था।

बुधवार रात पेट्रोल पंप पर हुई फायरिंग और लेवी की मांग के बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को इसकी जानकारी दी।

मौके से खोखा और पर्चा बरामद

घटना की सूचना मिलने के बाद एसडीपीओ मंगल सिंह जमुदा और सदर थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह सशस्त्र बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल की जांच की। मौके से एक खोखा और PLFI के नाम वाला पर्चा बरामद किया गया है।

पुलिस ने पेट्रोल पंप पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली। फुटेज में दोनों आरोपी फायरिंग करते दिखाई दे रहे हैं। दोनों ने चेहरे गमछे से ढक रखे थे। ऐसे में उनकी पहचान करने में पुलिस को परेशानी हो रही है।

PLFI के नाम के इस्तेमाल की भी जांच

पुलिस इस मामले की जांच कई बिंदुओं पर कर रही है। सदर थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह ने गोली चलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि खूंटी क्षेत्र अब PLFI से लगभग मुक्त हो चुका है और संगठन के अधिकांश प्रमुख उग्रवादी जेल में हैं।

ऐसे में पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या वास्तव में इस वारदात के पीछे PLFI का हाथ है या किसी स्थानीय आपराधिक गिरोह ने लेवी वसूली और दहशत फैलाने के लिए PLFI के नाम का इस्तेमाल किया है।

CCTV और पुराने धमकियों के आधार पर जांच

पुलिस ने घटना के बाद इलाके में नाकेबंदी कर अपराधियों की तलाश शुरू कर दी है। CCTV फुटेज में दिखाई दे रहे दोनों अपराधियों के हुलिए और उनके भागने की दिशा के आधार पर उनकी पहचान की कोशिश की जा रही है।

इसके साथ ही घटनास्थल से मिले खोखे और पर्चे तथा अमित साहू को पहले मिल चुकी धमकियों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पेट्रोल पंप पर फायरिंग करने वाले दोनों अपराधी कौन हैं और 10 लाख रुपये की लेवी मांग के पीछे किसका हाथ है।

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