Thursday, September 10

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे एक बार फिर प्रशासनिक मुख्यधारा में लौट आए हैं। शराब घोटाला और हजारीबाग में वन विभाग की वन भूमि घोटाले से जुड़े मामलों में जमानत मिलने के बाद राज्य सरकार ने उनका निलंबन समाप्त कर दिया है। निलंबन खत्म होने के बाद गुरुवार को उन्होंने कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग में योगदान दे दिया।

1999 बैच के झारखंड कैडर के आईएएस अधिकारी विनय चौबे पिछले 14 महीने से अधिक समय तक जेल में रहे। पिछले महीने ही उन्हें सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत मिली थी। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने उन्हें जमानत देते हुए कुछ शर्तें भी तय की थीं।

कोर्ट के निर्देश के मुताबिक विनय चौबे बिना अनुमति देश से बाहर नहीं जा सकते हैं। उन्हें जांच में पूरा सहयोग करना होगा और किसी भी गवाह को प्रभावित नहीं करने की शर्त भी लागू है।

योगदान के बाद अब पोस्टिंग पर नजर

कार्मिक विभाग में योगदान देने के बाद अब अगला कदम उनकी पोस्टिंग को लेकर होगा। विभाग ने उनके योगदान को स्वीकार करते हुए संचिका मुख्य सचिव के पास भेज दी है। मुख्यमंत्री से निर्देश मिलने के बाद उन्हें किसी विभाग में पदस्थापित किया जाएगा।

यानी फिलहाल विनय चौबे ने विभाग में योगदान तो दे दिया है, लेकिन उन्हें कौन-सा विभाग और कौन-सी जिम्मेदारी मिलेगी, इस पर फैसला होना बाकी है।

बड़े विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं चौबे

विनय चौबे प्रशासनिक स्तर पर लंबे अनुभव वाले अधिकारी हैं। अपने करियर में वह मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इसके अलावा जल संसाधन, योजना-सह-वित्त और आबकारी जैसे महत्वपूर्ण विभागों का भी काम देख चुके हैं।

इसी वजह से उनकी वापसी के बाद प्रशासनिक हलकों में उनकी अगली जिम्मेदारी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि सरकार उन्हें जल्द ही किसी महत्वपूर्ण और बड़े महकमे की जिम्मेदारी दे सकती है।

कानूनी दौर के बाद अब प्रशासनिक भूमिका की बारी

विनय चौबे की वापसी ऐसे समय हुई है, जब वह लंबे समय तक कानूनी मामलों के कारण जांच के दायरे में रहे। जमानत मिलने और निलंबन समाप्त होने के बाद अब उनका प्रशासनिक कामकाज में लौटना अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।

प्रशासनिक हलकों में यह भी चर्चा है कि अनुभवी अधिकारी के तौर पर उनकी मुख्यधारा में वापसी से कई प्रशासनिक कार्यों और विकास योजनाओं को गति मिल सकती है।

वहीं, उनकी वापसी को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज है। विपक्षी दल उनकी नियुक्ति और आगे मिलने वाली जिम्मेदारी पर नजर बनाए हुए हैं। दूसरी ओर नौकरशाही में भी अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार विनय चौबे को किस विभाग की कमान सौंपती है।

फिलहाल कार्मिक विभाग में योगदान के बाद उनकी नई पोस्टिंग के आदेश का इंतजार किया जा रहा है।

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Sanjana Kumari is a media professional, content writer, and voiceover artist with experience since 2023. She has expertise in digital media, social media, news writing, editing, and content management. Currently, she works as an Input In-Charge at Jharkhand Digital, handling news inputs and digital content. She is proficient in writing and articulating articles and voiceovers in both Hindi and English.

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