Tuesday, October 13

रांची/पलामू: नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद झारखंड के लोगों को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। राम प्रसाद की तलाश के बीच अब पलामू के महेंद्र विश्वकर्मा भी नेपाल में लापता बताए जा रहे हैं। हैदरनगर प्रखंड की बरडंडा पंचायत के बरवाडीह गांव निवासी 50 वर्षीय महेंद्र विश्वकर्मा नेपाल के बाणेश्वर स्थित निर्माणाधीन हाइड्रो पावर परियोजना में फैब्रिकेटर के तौर पर काम कर रहे थे। 26 अगस्त के बाद से उनका परिवार उनसे संपर्क नहीं कर पा रहा है।

परिजनों के मुताबिक महेंद्र मार्च 2026 से नेपाल में काम कर रहे थे। 25 अगस्त की रात करीब 9 बजे उन्होंने फोन कर परिवार का हालचाल लिया था। इसके बाद 26 अगस्त की सुबह 8:07 बजे उन्होंने दोबारा घर फोन किया, लेकिन उस समय परिवार कॉल रिसीव नहीं कर सका। इसके बाद से उनका मोबाइल लगातार बंद आ रहा है।

नेपाल में बाढ़ की खबर सामने आने के बाद परिवार ने महेंद्र से कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। परिजनों ने परियोजना से जुड़े अधिकारियों से भी संपर्क किया। वहां से उन्हें बताया गया कि परियोजना में काम करने वाले सभी लोग सुरक्षित हैं। इसके बावजूद महेंद्र से व्यक्तिगत रूप से संपर्क नहीं होने के कारण परिवार की चिंता बनी हुई है।

आखिरी फोन के बाद से कोई खबर नहीं

परिवार के लिए सबसे चिंता की बात यह है कि महेंद्र ने 26 अगस्त की सुबह आखिरी बार फोन किया था और उसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया। बाढ़ की खबरों के बीच संपर्क टूटने से परिजन लगातार उनकी जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।

महेंद्र के बेटे सुमित विश्वकर्मा ने संबंधित अधिकारियों से उनके पिता की जल्द तलाश कराने की अपील की है। परिवार ने भारत सरकार, विदेश मंत्रालय, झारखंड सरकार, पलामू उपायुक्त और परियोजना प्रबंधन से भी मामले में हस्तक्षेप कर महेंद्र की जानकारी जुटाने और उन्हें सकुशल वापस लाने की मांग की है।

नेपाल में फंसे अपनों की जानकारी Jharkhand Digital को करें साझा 

नेपाल में आई बाढ़ के बाद झारखंड के कई परिवार अपने परिजनों की जानकारी के लिए परेशान हैं। अगर आपका कोई अपना नेपाल में फंसा हुआ है, लापता है या लंबे समय से उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है, तो आप झारखंड डिजिटल की टीम +916513595676 से संपर्क कर सकते हैं।

आप हमें संबंधित व्यक्ति का नाम, गांव/जिला, नेपाल में वह किस जगह या परियोजना में काम/रह रहे थे, आखिरी बार कब संपर्क हुआ था और उपलब्ध संपर्क नंबर जैसी जानकारी साझा कर सकते हैं।

झारखंड डिजिटल की टीम उपलब्ध जानकारी के आधार पर संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों तक मामला पहुंचाने तथा परिवार को जरूरी जानकारी दिलाने की हरसंभव कोशिश करेगी।

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