Wednesday, September 23

आपने भी अगर कभी सड़क किनारे किसी लोकल दुकान से महज 50-100 रुपये में अपने फोन पर टेम्पर्ड ग्लास लगवाया है, तो अब यह आसान नहीं रहेगा। सरकार घटिया क्वालिटी के चीनी टेम्पर्ड ग्लास पर नकेल कसने की तैयारी में है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर्स यानी टेम्पर्ड ग्लास को अनिवार्य पंजीकरण फ्रेमवर्क में शामिल कर दिया है। 1 अप्रैल 2027 से बिना BIS क्वालिटी सर्टिफिकेशन के कोई भी टेम्पर्ड ग्लास नहीं बेचा जा सकेगा।

क्या हैं नए नियम

नए नियमों के तहत सरकार टेम्पर्ड ग्लास के साइज, क्वालिटी और मजबूती की सख्त टेस्टिंग करेगी। तय मानकों के अनुसार फोन पर टेम्पर्ड लगाने के बाद डिस्प्ले की स्पष्टता यानी लाइट ट्रांसमिशन बेहतर बना रहना जरूरी होगा। इसके साथ ही एंटी-ग्लेयर, ब्लू-लाइट फिल्टरिंग, ऑलियोफोबिक कोटिंग और प्राइवेसी फिल्म जैसे फीचर्स की भी जांच होगी। हर टेम्पर्ड ग्लास के पैकेट पर निर्माता का नाम, बैच नंबर और मोटाई लिखना भी अनिवार्य होगा। MeitY ने साफ किया है कि इस फैसले से टेम्पर्ड ग्लास पर रोक नहीं लगेगी, बल्कि निर्माताओं और आयातकों को नए स्टैंडर्ड अपनाने के लिए पर्याप्त समय दिया गया है।

ग्रे मार्केट पर लगेगी लगाम

रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत में बिकने वाले 90% स्क्रीन प्रोटेक्टर ग्रे मार्केट से आते हैं, जिनमें से 98% प्रोडक्ट चीन से महज 2-3 रुपये में इंपोर्ट होते हैं। जांच में सात टेम्पर्ड ग्लास सैंपलों को FSM-6000 स्ट्रेस मीटर से टेस्ट किया गया, जिनमें से पांच सैंपलों में जीरो कॉम्प्रेसिव स्ट्रेस पाया गया। मतलब बाजार में साधारण कांच को टेम्पर्ड बताकर बेचा जा रहा था, जिस पर नए नियम लागू होने के बाद रोक लगेगी।

क्या होगा आपकी जेब और फोन पर असर

नियम लागू होने के बाद बाजार से बेकार क्वालिटी वाले टेम्पर्ड ग्लास साफ हो जाएंगे और लोगों को टेस्टेड, भरोसेमंद प्रोडक्ट मिलेंगे जो फोन गिरने पर डिस्प्ले को वाकई सुरक्षा दे सकेंगे। हालांकि सर्टिफिकेशन और सख्त टेस्टिंग की प्रक्रिया से गुजरने के कारण टेम्पर्ड ग्लास की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है। मौजूदा समय में ब्रैंडेड टेम्पर्ड ग्लास 500 से 1000 रुपये में मिलते हैं, ऐसे में BIS सर्टिफाइड टेम्पर्ड ग्लास भले ही इतने महंगे न हों, पर 50-100 रुपये में मिलना मुश्किल होगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि भले दाम थोड़े बढ़ें, लेकिन फोन की सुरक्षा और इस्तेमाल का अनुभव पहले से बेहतर होगा।

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