नई दिल्ली: IRCTC होटल से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली की विशेष अदालत ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत 9 आरोपियों के खिलाफ PMLA के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 18 सितंबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में इसकी जानकारी दी है।
ED के मुताबिक, सीबीआई की नई दिल्ली द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत जांच शुरू की गई थी। मामला उस अवधि से जुड़ा है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे।
क्या है पूरा मामला?
जांच एजेंसी के अनुसार, लालू प्रसाद यादव पर रेल मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान पुणे और रांची स्थित रेलवे होटलों के संचालन से संबंधित अनुबंध में कथित तौर पर अनियमितता और पद के दुरुपयोग का आरोप है।
ED का आरोप है कि इन होटलों के संचालन का अनुबंध सुजाता होटल प्राइवेट लिमिटेड को दिए जाने के बदले कथित तौर पर पटना की जमीन का लेन-देन हुआ। एजेंसी के मुताबिक, लालू प्रसाद के करीबी सहयोगी प्रेम चंद गुप्ता के परिवार द्वारा नियंत्रित कंपनी डिलाइट मार्केटिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के पक्ष में दो एकड़ जमीन का हस्तांतरण वास्तविक मूल्य से कम कीमत पर किया गया। बाद में कंपनी के शेयरों का नियंत्रण राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव तक पहुंचा।
ED ने अपनी जांच के दौरान PMLA की धारा 5 के तहत 44.75 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां कुर्क की थीं। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, इस कुर्की की पुष्टि न्याय-निर्णयन प्राधिकरण द्वारा भी की गई है।
9 आरोपियों पर आरोप, 7 को राहत
अदालत ने राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, लालू प्रसाद यादव और मामले से जुड़े छह अन्य आरोपियों के खिलाफ PMLA की धारा 4 सहपठित धारा 3 के तहत आरोप तय करने का निर्देश दिया है। वहीं कुल 16 आरोपियों में से 7 आरोपियों को मामले से डिस्चार्ज कर दिया गया है।
अदालत के 10 सितंबर के आदेश में कहा गया कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री के आधार पर आरोप तय करने के चरण में आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और कथित अपराध से प्राप्त संपत्ति को लेकर “मजबूत संदेह” मौजूद है।
आरोप तय होना दोष साबित होना नहीं
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि अदालत द्वारा आरोप तय करने का आदेश दोषसिद्धि नहीं है। मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी और आरोपों को मुकदमे के दौरान साक्ष्यों के आधार पर साबित किया जाना होगा।
