JSSC CGL परीक्षाओं में गड़बड़ी मामले का मास्टर माइंड मिथलेश सिंह बताया जा रहा है. बिहार का रहने वाला मिथलेश दिल्ली में ICN एजेंसी के नाम से अपनी कंपनी चलाता था. इसी मिथलेश ने वेबेल एजेंसी से परीक्षा कराने से लेकर तमाम कार्यों को अपनी कंपनी ICN के नाम पर अलाट करा लिया और उसके बाद रच डाली क्वेश्चन पेपर लीक से लेकर सीट बेचने की तमाम साजिश. यह खुलासा JSSC CGL परीक्षाओं में गड़बड़ी की जांच कर रही CID के समक्ष अभी तक खुलासा हुआ है. CID की टीम मिथलेश की तलाश तेज कर चुकी है.
वेबेल एजेंसी ने दे दिया ICN एजेंसी को काम
बिहार का मिथलेश दिल्ली में चला रहा था कंपनी
कौन है मिथलेश सिंह
भोजपुर जिले के चरपोखरी थाना क्षेत्र के पसौर गांव निवासी स्व. ललन सिंह के पुत्र मिथलेश सिंह उर्फ आरके सिंह को JSSC CGL परीक्षाओं में गड़बड़ी का मास्टर माइंड माना जा रहा है. झारखंड पुलिस की टीम पसौर और आसपास के इलाकों में भी उसकी तलाश तेज कर चुकी है. इधर, पसौर गांव के चौराहों और चाय की दुकानों पर दिनभर इसी मामले की चर्चा चल रही है कि मिथलेश सिंह अपना गोरखधंधा बंद नहीं कर रहा. ग्रामीण इस बात को लेकर हैरान दिखे कि उनके गांव का एक व्यक्ति प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली के मामले में इतनी बड़ी जांच के दायरे में पहुंच गया. जांच एजेंसियां अब उसके स्थानीय संपर्कों और पैतृक गांव से जुड़े संभावित तारों की भी पड़ताल कर रही हैं।
पंजाब से बिहार तक पहले भी जेल जा चुका है
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार मिथलेश सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है. वह पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना और बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली, सिंडिकेट चलाने और पेपर लीक से जुड़े मामलों में पहले भी कम से कम चार बार जेल जा चुका है. इसके बावजूद कथित तौर पर यह गतिविधियां जारी रहने की बात सामने आई है. जांच से जुड़ा एक चौंकाने वाला पहलू यह भी बताया जा रहा है कि मिथलेश ने अपने कथित कारोबार को छिपाने के लिए बेटे के नाम पर एक एजेंसी खोल रखी है.
