रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से वर्ष 2022 में आयोजित कनीय अभियंता (डिप्लोमा) प्रतियोगी परीक्षा के पेपर लीक मामले में पुलिस की SIT ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में परीक्षा संचालन एजेंसी के वांछित संचालक सह निदेशक अरुण कुमार को मुंबई से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद उसे 10 अगस्त 2026 को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
JSSC ने 3 जुलाई 2022 को कनीय अभियंता (डिप्लोमा) के 1,279 पदों के लिए प्रतियोगी परीक्षा आयोजित की थी। परीक्षा की पहली पाली शुरू होने से पहले ही उत्तरमाला वायरल होने और प्रश्नपत्र लीक होने की जानकारी सामने आई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए JSSC ने परीक्षा रद्द कर दी थी।
इसके बाद अभ्यर्थी मिथलेश कुमार महतो के लिखित आवेदन के आधार पर नामकुम थाना में कांड संख्या 227/22, दिनांक 14 जुलाई 2022 को IPC की धारा 420, 467, 468, 120(B), IT Act की धारा 66 और बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम की धारा 10 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
पेपर लीक की पुष्टि, SIT ने शुरू की जांच
मामले के उद्भेदन और बेहतर अनुसंधान के लिए SIT का गठन किया गया था। अनुसंधान के दौरान पेपर लीक की घटना की पुष्टि हुई। जांच में सामने आया कि परीक्षा का संचालन नई दिल्ली की Bynsis Technology Pvt. Ltd. नामक परीक्षा संचालन एजेंसी द्वारा किया गया था।
जांच के दौरान पुलिस को कथित पेपर लीक सिंडिकेट के माध्यम से पटना में अभ्यर्थियों को प्रश्न और उत्तर रटवाए जाने की जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार, जांच में परीक्षा संचालन एजेंसी और उसके संचालक की संलिप्तता से जुड़े साक्ष्य भी मिले हैं।
अब तक कई आरोपी भेजे जा चुके हैं जेल
जांच के दौरान पुलिस ने मामले में पूर्व में परीक्षार्थी सह प्राथमिक अभियुक्त रंजीत मंडल, कथित सिंडिकेट सदस्यों दीपक कुमार, अभिषेक कुमार और दीपक श्रीवास्तव तथा परीक्षा संचालन एजेंसी के सीनियर मैनेजर कृष्ण कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा है।
अब SIT ने परीक्षा संचालन एजेंसी के वांछित संचालक सह निदेशक अरुण कुमार, पिता स्वर्गीय हरिनारायण सिंह, निवासी ग्राम खोखुना, थाना चिक्सौरा, जिला नालंदा, बिहार को मुंबई से गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, मामले में शामिल अन्य चिन्हित और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
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