Friday, October 2

धनबाद: टुंडी के गुलियाडीह गांव में जंगली हाथियों के झुंड ने एक सहायक अध्यापक की जान ले ली। मनिहाडीह थाना क्षेत्र की जातखूंटी पंचायत के गुलियाडीह गांव में देर रात हाथियों ने गिरजा मुर्मू को कुचल दिया। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। गिरजा मुर्मू गुलियाडीह स्थित नया प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत थे।

घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। हाथियों के हमले में शिक्षक की मौत से पूरे गांव में डर का माहौल है। वहीं, घटना के बाद वन विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा भी सामने आया है।

एक महीने से इलाके में घूम रहा हाथियों का झुंड

ग्रामीणों के मुताबिक, टुंडी क्षेत्र में पिछले करीब एक महीने से जंगली हाथियों का झुंड घूम रहा है। हाथियों की लगातार मौजूदगी के कारण आसपास के गांवों में पहले से ही डर बना हुआ था। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के आबादी वाले इलाकों में पहुंचने की जानकारी के बावजूद उन्हें गांवों से दूर रखने के लिए वन विभाग की ओर से प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।

ग्रामीणों का आरोप है कि हाथियों के कारण लगातार खतरा बना हुआ था, लेकिन उनकी सुरक्षा को लेकर विभाग की ओर से पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।

घटना के घंटों बाद भी अधिकारी नहीं पहुंचे

शिक्षक की मौत की घटना के कई घंटे बाद तक वन विभाग या प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया। ग्रामीणों ने इसे प्रशासन और वन विभाग की लापरवाही बताते हुए मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।

इसके साथ ही ग्रामीणों ने हाथियों के झुंड को आबादी वाले इलाकों से दूर करने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में हाथियों की मौजूदगी लंबे समय से बनी हुई है और यदि समय रहते ठोस कदम उठाए जाते, तो ऐसी घटना को टाला जा सकता था।

फिलहाल, गिरजा मुर्मू की मौत के बाद गुलियाडीह समेत आसपास के इलाकों में डर और तनाव का माहौल है। ग्रामीण हाथियों से सुरक्षा को लेकर प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

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