रांची: कारोबार शुरू करना जितना चुनौतीपूर्ण है, उससे कहीं बड़ी चुनौती तैयार उत्पाद के लिए बाजार तलाशना है। खासकर छोटे और मझोले उद्यमियों के सामने यह समस्या अक्सर बनी रहती है। इसी चुनौती को दूर करने के उद्देश्य से रांची में दो दिवसीय विक्रेता विकास कार्यक्रम शुरू किया गया है। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के निर्देश पर एमएसएमई विकास कार्यालय, रांची की ओर से आयोजित कार्यक्रम में झारखंड के विभिन्न जिलों से आए उद्यमियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के पहले दिन उद्यमियों ने अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए और अपनी कारोबारी यात्रा साझा की। आयोजन के जरिए उन्हें अपने उत्पादों को सामने रखने के साथ बाजार से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छोटे और मझोले उद्यमियों को संभावित ग्राहकों से जोड़ना और उनके लिए बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में पहल करना है।
उद्घाटन सत्र में CMPDI के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक चौधरी शिवराज सिंह ने MSME क्षेत्र के महत्व पर बात की। उन्होंने कहा कि MSME भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इस दौरान उन्होंने MSME क्षेत्र के लिए CMPDI की ओर से चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी भी दी।
वहीं, MSME विकास कार्यालय, रांची के निदेशक इंद्रजीत यादव ने कहा कि उद्यमियों को उद्योग खड़ा करने से लेकर उनके उत्पाद के लिए बाजार उपलब्ध कराने तक विभाग का सहयोग मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इसी कड़ी में विक्रेता विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, ताकि उद्यमियों को ग्राहक उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा सके।
कार्यक्रम में राज्य के अलग-अलग जिलों से पहुंचे उद्यमियों ने अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई है। इन स्टॉलों पर उद्यमियों ने अपने उत्पादों के साथ अपनी विकास यात्रा भी साझा की। कार्यक्रम का दूसरा दिन भी उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। गुरुवार को विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे और इसके साथ ही दो दिवसीय विक्रेता विकास कार्यक्रम का समापन होगा।
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