Friday, October 16

पाकुड़: “यह सिर्फ यात्रा नहीं, एक क्रांति है… यह उलगुलान झारखंड के हर कोने, हर कस्बे और हर घर तक पहुंचना चाहिए।” परीक्षा सुधार यात्रा के तहत पाकुड़ पहुंचे देवेंद्र नाथ महतो ने सरकार के खिलाफ अपने तेवर साफ कर दिए। चौराहे पर लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता की मांग उठाई और कहा कि परीक्षा में होने वाली धांधली के खिलाफ यह लड़ाई अब पूरे झारखंड तक जाएगी।

देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि परीक्षा सुधार यात्रा महज एक यात्रा नहीं, बल्कि एक क्रांति है। इस क्रांति का उद्देश्य परीक्षा में होने वाली धांधली को रोकना और पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाना है। उन्होंने कहा कि यह उलगुलान झारखंड के कोने-कोने और कस्बे-कस्बे तक पहुंचना चाहिए। हर शहर, हर कस्बा, हर गली और हर घर तक इसकी आवाज जानी चाहिए।

चार सफल अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी का जिक्र

अपने संबोधन में उन्होंने JSSC CGL मामले में गिरफ्तार किए गए चार सफल अभ्यर्थियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अभी-अभी खबर आई है कि नौकरी खरीदने वाले चार सफल अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

नौकरी बेचने, खरीदने या इस पूरे मामले में शामिल जितने भी दलाल हैं, उन सभी पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस अपराध में जितने लोग शामिल हैं, चाहे वे कितने भी बड़े पद पर क्यों न हों, सभी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, “यदि अपराध हुआ है तो अपराधी को सजा मिलेगी ही। नौकरी बिकने वाली चीज नहीं है।”

‘जल-जंगल-जमीन के बाद नौकरी बेचकर झारखंड की आत्मा बेची जा रही’

झारखंड के संसाधनों का जिक्र करते हुए देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि राज्य का जल, जंगल, जमीन, कोयला, बालू और तमाम खनिज संपदा सब बेचा जा रहा है। लेकिन उनके अनुसार सबसे गंभीर बात यह है कि नौकरी बेचकर झारखंड की आत्मा बेची जा रही है।

मांग पूरी नहीं हुई तो चक्का जाम से झारखंड बंद तक

देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे शांत नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो क्रांति होगी, चक्का जाम होगा, हर घर से उलगुलान होगा और झारखंड बंद होगा। अगर इसके बावजूद सरकार नहीं मानी तो “सरकार को उखाड़ फेंकेंगे।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि यही स्थिति चलती रही तो आगे ठोस निर्णय लिया जाएगा।

पाकुड़वासियों से बोले- ‘घर-घर से लोगों को जोड़िए’

देवेंद्र नाथ महतो ने पाकुड़ के लोगों से इस यात्रा में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि घर-घर से जन को जोड़ना होगा और परीक्षा सुधार की इस लड़ाई को झारखंड के हर हिस्से तक पहुंचाना होगा।

‘राजनीति कर रहा हूं तो सहयोग मत करें, लेकिन तोड़ने का काम भी न करें’

यात्रा को लेकर कुछ लोगों की ओर से राजनीति किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि कोई सहयोग नहीं कर रहा है तो उसे इस आंदोलन को तोड़ने का काम भी नहीं करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह उनकी मेहनत है और वह अपनी मेहनत के दम पर इतनी दूर तक पहुंचे हैं। उन्होंने दावा किया कि आज आरोपियों पर कार्रवाई हो रही है, तो इसमें उनके आंदोलन की मेहनत का भी योगदान है।

‘मुझे जान का खतरा है, रोज मिलती है मारने की धमकी’

अपने संबोधन में देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी गंभीर बात कही। उन्होंने कहा कि “मुझे पता है मेरे जान को खतरा है। आए दिन मुझे धमकियां मिलती हैं। प्रतिदिन मुझे मारने की धमकियां मिलती हैं।” जो लोग करोड़ों रुपये देकर नौकरी खरीद सकते हैं और करोड़ों रुपये लेकर नौकरी बेच सकते हैं, वे कुछ भी कर सकते हैं।

इसके बाद उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा कि अगर उन्हें कुछ हो गया तो उनके खिलाफ आंदोलन नहीं किया जाए। वह चाहते हैं कि वह जिंदा रहें या मरें, लेकिन यह क्रांति ऐसे ही चलती रहनी चाहिए और नौकरी बचाने का आंदोलन जारी रहना चाहिए।

देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि अब वह अपनी राह पर आगे बढ़ रहे हैं और साहिबगंज की ओर जा रहे हैं। यात्रा का उद्देश्य पूरे झारखंड को जागृत करना है, ताकि परीक्षा में पारदर्शिता और नौकरी बचाने की यह लड़ाई राज्य के कोने-कोने तक पहुंच सके।

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