हजारीबाग पुलिस की कार्रवाई में गिरोह का सक्रिय सदस्य निर्मल पंडित उर्फ सुमित गिरफ्तार, मोबाइल से पिस्टल के साथ तस्वीरें भी मिलीं; पुलिस ने मोटरसाइकिल और मोबाइल किया जब्त
झारखंड में संगठित अपराध और आपराधिक गिरोहों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। इसी कड़ी में हजारीबाग पुलिस ने उरीमारी क्षेत्र में एक बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की कथित योजना पर पानी फेर दिया है। पुलिस ने राहुल दुबे गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को चार जिंदा गोलियों के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान निर्मल पंडित उर्फ सुमित के रूप में हुई है। वह रामगढ़ कैंट क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है।
पुलिस के अनुसार, हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि राहुल दुबे गिरोह का एक सक्रिय सदस्य मोटरसाइकिल से उरीमारी की ओर आ रहा है। आशंका जताई गई थी कि वह इलाके में किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की तैयारी में है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई और एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया।
डूमर पुलिया के पास पुलिस ने की घेराबंदी
गुप्त सूचना के आधार पर गठित पुलिस टीम ने गरसुल्ला और उरीमारी-गिद्दी मार्ग पर निगरानी शुरू की। इसी दौरान डूमर पुलिया के पास संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार को रोककर उसकी तलाशी ली गई। पुलिस ने मौके से निर्मल पंडित उर्फ सुमित को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से चार जिंदा गोलियां और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। इसके अलावा पुलिस ने उस मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया, जिससे आरोपी उरीमारी की ओर जा रहा था।
मोबाइल में पिस्टल के साथ मिली तस्वीरें
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन की जांच की। जांच के दौरान मोबाइल में पिस्टल के साथ उसकी कुछ तस्वीरें मिलीं। पुलिस ने इन तस्वीरों को इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कर लिया है। जांच एजेंसियां अब इन तस्वीरों के आधार पर हथियारों से उसके संभावित संबंध और गिरोह में उसकी भूमिका की पड़ताल कर सकती हैं।
राहुल दुबे गिरोह से जुड़ाव की बात स्वीकारने का दावा
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी ने राहुल दुबे गिरोह का सदस्य होने की बात स्वीकार की है। साथ ही उसने उरीमारी क्षेत्र में किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने के उद्देश्य से आने की बात भी कही है। हालांकि, प्रस्तावित वारदात का निशाना कौन था और इसके पीछे क्या वजह थी, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका की जांच
इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब आरोपी के संपर्कों, मोबाइल में मिले डिजिटल साक्ष्यों और गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका की जांच में जुट सकती है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि उसके पास बरामद गोलियां कहां से आईं और क्या इस संभावित वारदात में गिरोह के अन्य सदस्य भी शामिल थे।
हजारीबाग पुलिस की इस कार्रवाई को इलाके में संगठित अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
