रांची: JPSC-JSSC परीक्षा व्यवस्था को लेकर जारी छात्रों के आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने युवाओं से परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए अपने सुझाव देने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि ‘छात्रों की बात-छात्रों के साथ’ अभियान के तहत अब तक झारखंड के 8,500 से अधिक युवा अपने सुझाव दे चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं की ओर से OMR, परीक्षा कैलेंडर, स्कोरकार्ड, प्रश्नपत्र, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और तकनीक के बेहतर इस्तेमाल जैसे विषयों पर सुझाव मिल रहे हैं। इसके अलावा JPSC सहित राज्य के दोनों आयोगों में संवैधानिक दायरे के तहत जरूरी सुधारों को लेकर भी युवाओं ने अपनी राय साझा की है।
बेहतर और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था बनाने पर जोर
हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ मौजूदा समस्याओं पर चर्चा करना नहीं है, बल्कि वर्तमान चुनौतियों का समाधान करते हुए ऐसी परीक्षा व्यवस्था तैयार करना है, जो वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए पारदर्शी, निष्पक्ष, सुरक्षित, विश्वसनीय और जवाबदेह हो।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से सुझाव देने की प्रक्रिया को जारी रखने की अपील करते हुए कहा कि युवाओं का एक सुझाव केवल मौजूदा परीक्षा व्यवस्था में बदलाव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि झारखंड के हजारों-लाखों युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने में योगदान दे सकता है।
‘सुधार सरकार का अकेला प्रयास नहीं होगा’
मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में कहा कि परीक्षा व्यवस्था में होने वाला सुधार केवल राज्य सरकार का प्रयास नहीं होगा, बल्कि इसमें झारखंड के युवाओं की भी भागीदारी होगी। उन्होंने इसे जनभागीदारी से होने वाला सुधार बताया। मुख्यमंत्री ने युवाओं से संवाद को आगे बढ़ाने की अपील करते हुए अपने संदेश का समापन ‘छात्रों की बात… छात्रों के साथ…’ के साथ किया।
